सौ दर्द हैं सौ राहतें
सब मिला दिल नशीं
एक तू ही नहीं..
सौ दर्द है सौ राहतें
सब मिल दिल नशीं
एक तू ही नहीं ...
रुकी रुकी सी ये हवा
और सूखे पत्ते कि तरह
शहर कि सडकों पे मैं
लावारिस उड़ता हुआ
सौ रास्तें ... पर तेरी राह नहीं ...
सौ दर्द है सौ रास्ते
सब मिल दिल नशीं
एक तू ही नहीं ...
बहता है पानी
वक़्त को यूँही रहने दे
दरिया ने करवट ली है तो
साहिलों को सहने दे
सौ हसरतें पर तेरा घाम नहीं
सब मिला दिल नशीं
एक तू ही नहीं..
सौ दर्द है सौ राहतें
सब मिल दिल नशीं
एक तू ही नहीं ...
रुकी रुकी सी ये हवा
और सूखे पत्ते कि तरह
शहर कि सडकों पे मैं
लावारिस उड़ता हुआ
सौ रास्तें ... पर तेरी राह नहीं ...
सौ दर्द है सौ रास्ते
सब मिल दिल नशीं
एक तू ही नहीं ...
बहता है पानी
वक़्त को यूँही रहने दे
दरिया ने करवट ली है तो
साहिलों को सहने दे
सौ हसरतें पर तेरा घाम नहीं