Tuesday, 30 August 2011

तेरे बिन . .

तेरे बिन मैं यूं कैसे जिया कैसे जिया तेरे बिन
ले कर यादें तेरी रातें मेरी कटी
मुझसे बातें तेरी
करती है चांदनी
तनहा है तुझ बिन रातें मेरी
दिन मेरे दिन के जैसे नहीं
तनहा है बदन तनहा है रूह
ना मेरी आंखें रहे
आजा मेरे अब रूबरू जीना नहीं बिन तेरे


तेरे बिन मैं यूं कैसे जिया


कब से आँकें मेरी
राह में तेरी बिछी
कब से आँकें मिली
राह में तेरी bichee
भूल से भी कभी तू मिल जाये कहीं
भूले न मुझसे बातें तेरी भीगी हैं हर पल आँकें मेरी


क्यों साँसे लू क्यों मैं jiyun
जीना बुरा सा लगे
क्यों हो गया तू बेवफा मुझको ज़रा बता वजह


तेरे बिन मैं यूं कैसे जिया
कैसे जिया तेरे बिन
तेरे बिन मैं यूं कैसे जिया
कैसे जिया तेरे बिन
तेरे बिन तेरे बिन कैसे जिया

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